Sunday, January 14, 2007

************ वापरा वापरा

मेरे चिन्तनपर लेखों का दूसरा संग्रह जल्दी ही छप रहा है।

संक्रांती की शुभेच्छा

मकर संक्रांती की शुबेच्छा. एक मजेदार बात यह की आज का दिन पर्व का दिन क्यों है? चूँकि 22 दिसम्बर सबसे छोटा दिवस है इसलिए पर्व तो 23 दिसम्बर को होना चाहिए। इसका भी एक वैज्ञानिक कारण है। 23 दिसम्बर से दिन भले ही बढता हो लेकिन शूर्योदय समय अब भी आगे ही जा रहा होता है। फिर मकर संक्रांति के दिन से शूर्योदय समय घटने लगता है। अर्थात् अब सूर्य रोज जल्दी जल्दी उगेगा।

Sunday, July 09, 2006

जनता की राय

ये है मेरी नई पुस्तक जो 1999 में जनसत्ता में लिखे मेरे लेखोंका संकलन है। प्रस्तावना कमलेश्वरजी ने लिखी है।
इसके लेख पढने के लिए देखें blog जनता की राय
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